एमबीए। विधायक। बदलाव की मिसाल।
"एक युवा नेता जो जनता की आवाज़ बनती है — विधानसभा में और मैदान में।"
27 अप्रैल 1987 को उदयपुर में जन्मी दीप्ति किरण माहेश्वरी राजस्थान विधानसभा में राजसमंद की विधायक हैं। वे एक ऐसी नेता हैं जो अपनी पीढ़ी की आवाज़ को नीति-निर्माण से जोड़ती हैं — एलीट प्रबंधन संस्थानों से शिक्षित, जमीन से जुड़ी हुई।
पुणे के सिम्बायोसिस से बीबीए, मुंबई के वेलिंगकर संस्थान से एमबीए और उदयपुर के आईआईएम से महिला उद्यमिता में डिप्लोमा — दीप्ति जी ने शिक्षा को अपना हथियार बनाया और राजनीति में उतरकर जनसेवा को अपना लक्ष्य बनाया।
मई 2021 के उपचुनाव में 7 उपचुनावों में भाजपा से विजयी होने वाली एकमात्र प्रत्याशी बनकर उन्होंने अपनी क्षमता सिद्ध की। 2023 के विधानसभा चुनाव में 31,961 मतों के भारी अंतर से विजय ने जन-विश्वास की पुष्टि की।
वे केवल एक नाम की विरासत नहीं हैं — वे अपनी पहचान खुद बना रही हैं। विधानसभा में 650 से अधिक प्रश्न, 80 विशेष प्रस्ताव और सैकड़ों मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी — यही उनकी असली पहचान है।
व्यावसायिक प्रशासन में स्नातक — प्रबंधन की ठोस नींव।
Symbiosis · Puneमुंबई से प्रबंध में स्नातकोत्तर — उद्यमशीलता और नेतृत्व पर विशेष ध्यान।
Welingkar · MumbaiIIM उदयपुर से महिला उद्यमिता में विशेष प्रशिक्षण — महिला सशक्तिकरण के प्रति समर्पण।
IIM · Udaipurविधानसभा में प्रत्येक सत्र में दीप्ति किरण माहेश्वरी की उपस्थिति केवल नाम दर्ज करने के लिए नहीं — वे प्रश्न उठाती हैं, जवाब मांगती हैं, और राजसमंद की आवाज़ को हर मंच पर ऊंचा करती हैं।
भारत सरकार और राजस्थान सरकार के मंत्रियों के साथ निरंतर संवाद के माध्यम से, उन्होंने क्षेत्रीय विकास के लिए कई बड़े प्रयास किए हैं।
7 उपचुनावों में भाजपा की एकमात्र विजयी प्रत्याशी बनकर इतिहास रचा।
ऐतिहासिक जीतभारी बहुमत से पुनः निर्वाचित — जनता के विश्वास की सबसे बड़ी पुष्टि।
31,961 मतों का अंतरउदयपुर, राजसमंद के साथ कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए प्रचार अभियान।
राजसमंद में भाजपा के लिए व्यापक जनसंपर्क और प्रचार कार्यों में सक्रिय भूमिका।
उदयपुर लोकसभा चुनाव में भाजपा के लिए जनसंपर्क एवं प्रचार कार्य से राजनीति में प्रवेश।
दीप्ति किरण माहेश्वरी की राजनीतिक प्रेरणा — उनकी माँ श्रीमती किरण माहेश्वरी जी। एक ऐसी महिला जो पूर्व उच्च शिक्षा एवं जलदाय मंत्री, पूर्व सांसद, भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और महिला मोर्चा भाजपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं।
"अक्षय किरण" पत्रिका और "किरण माहेश्वरी स्मृति मंच" के माध्यम से दीप्ति जी उनकी स्मृति को जीवित रखती हैं — और उनके सपनों को साकार करने में जुटी हैं।
जो विरासत में मिली है वो एक नाम नहीं, एक ज़िम्मेदारी है — और मैं उसे हर रोज़ नए संकल्प के साथ निभाती हूँ।
8000 से अधिक प्रतियों के साथ प्रकाशित मासिक पत्रिका — क्षेत्र की आवाज़, जनता की खबर।